नमन

Feature_23-Sep-2017_A

स्वर्गीय मोहन सिंह डॉ० राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र के बाद समाजवादी आन्दोलन की अगली कड़ी थे। वे चिंतन ही नहीं व्यवहार के स्तर पर भी सच्चे समाजवादी थे । राजनीतिक जीवन में भ्रस्टाचार के घोर विरोधी , स्वदेशी भाषा के के विकास के अपूर्व समर्थक, त्याग और साहस की प्रतिमूर्ति व जनआन्दोलनों के सच्चे आग्रही थे। उन्होंने कभी सिद्धांतो से कभी समझौता नहीं किया। मोहन सिंह ने अपना पूरा जीवन समाजवादी विचारधारा के लिये समर्पित कर दिया। वह समाजवादी पार्टी को मजबूत करने के लिये हमेशा चितिंत रहते थे, उनकी कमी हमेशा खलेगी।’ मोहन सिंह ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरूआत डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित होकर की थी। उन्हें डॉ. लोहिया का सानिध्य प्राप्त था तथा वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। एक सांसद के रूप में उनका योगदान अभूतपूर्व है। 2008 में उनको सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Sep 23, 2017 | Posted by in ख़बरों में | 0 comments
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